उत्तर भारत में लंबे समय से जारी कड़ाके की ठंड के बीच अब मौसम एक नया मोड़ लेने जा रहा है। तापमान में हल्की बढ़ोतरी के बाद अब बारिश और बर्फबारी का दौर शुरू होने वाला है, जिसका असर पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी राज्यों तक देखने को मिलेगा। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले कुछ दिन मौसम के लिहाज से काफी सक्रिय रहने वाले हैं और लोगों को बदलते हालात के लिए तैयार रहना होगा।
उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम विशेषज्ञ महेश पलावत के अनुसार हवाओं की दिशा में बदलाव के कारण शीतलहर का असर फिलहाल कमजोर पड़ा है। हिसार, दिल्ली और चूरू जैसे इलाकों में न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि ठंड से राहत के साथ ही अब बारिश की गतिविधियां तेज होने वाली हैं, जिससे मौसम फिर से ठंडा और नम हो सकता है।
पश्चिमी विक्षोभ बनेंगे बारिश की वजह
19 जनवरी से 26 जनवरी 2026 के बीच उत्तर भारत में एक के बाद एक तीन पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने जा रहे हैं। पहला सिस्टम 19 से 21 जनवरी के बीच जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों में भारी बर्फबारी करा सकता है। इससे पहाड़ों पर तापमान गिरने के साथ-साथ पर्यटकों की आवाजाही भी प्रभावित हो सकती है।
मैदानी इलाकों में भी होगी बारिश
22 और 23 जनवरी को आने वाला दूसरा पश्चिमी विक्षोभ ज्यादा प्रभावी माना जा रहा है। इसके असर से पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों जैसे बरेली, मेरठ और मुजफ्फरनगर में भी बादल बरस सकते हैं। इसके बाद 24 जनवरी तक यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ते हुए लखनऊ और शाहजहांपुर तक पहुंच सकता है।
उत्तराखंड और हिमाचल के लिए राहत
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में 23 जनवरी के आसपास अच्छी बर्फबारी और बारिश की उम्मीद है। लंबे समय से सूखे पड़े पहाड़ों के लिए यह बारिश बेहद जरूरी मानी जा रही है। इससे नदियों और जल स्रोतों को मजबूती मिलेगी और ग्लेशियरों को भी लाभ पहुंचेगा।
गणतंत्र दिवस पर भी असर संभव
मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार 26 जनवरी के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके कारण गणतंत्र दिवस के दिन दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में सुबह या शाम के समय बारिश हो सकती है। इससे परेड और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर असर पड़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
किसानों और पर्यटकों के लिए सलाह
किसानों को सलाह दी गई है कि वे बारिश को ध्यान में रखते हुए अपनी फसलों की देखभाल करें। वहीं 23 जनवरी के बाद हिमाचल और उत्तराखंड के ज्यादातर हिल स्टेशनों पर बर्फ की चादर बिछने की उम्मीद है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती है।
Disclaimer:
This article is for general informational purposes only. Weather conditions and forecasts may change based on atmospheric developments. Readers are advised to follow official updates from the India Meteorological Department and local authorities for accurate and real-time weather information.









