Budget 2026 नौकरीपेशा को Income Tax में मिल सकती है ये बड़ी राहत? : Income tax slab hike

By admin

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बजट 2026 को लेकर इस बार नौकरीपेशा और मध्यम वर्ग में खास उम्मीदें देखने को मिल रही हैं। लगातार बढ़ती महंगाई, किराया, बच्चों की शिक्षा और दैनिक खर्चों के कारण सैलरी होने के बावजूद बचत करना मुश्किल होता जा रहा है। ऐसे माहौल में इनकम टैक्स से जुड़ी किसी भी राहत का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ता है। टैक्स विशेषज्ञों के हालिया सुझावों ने यह उम्मीद बढ़ा दी है कि सरकार 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव कर सकती है, जिससे लाखों कर्मचारियों को राहत मिल सकती है।

मौजूदा इनकम टैक्स स्लैब क्यों बना चिंता का कारण

फिलहाल टैक्स नियमों के अनुसार अगर किसी व्यक्ति की सालाना आय 24 लाख रुपये से अधिक हो जाती है, तो उस पर 30 प्रतिशत का टैक्स लागू हो जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सीमा अब समय के अनुसार उपयुक्त नहीं रही है। पिछले कुछ वर्षों में वेतन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन उसी अनुपात में महंगाई भी बढ़ी है। इसका नतीजा यह है कि टैक्स देने के बाद वास्तविक बचत और खर्च करने की क्षमता पर असर पड़ रहा है।

टैक्स स्लैब बढ़ाने की मांग क्यों हो रही है

टैक्स जानकारों का सुझाव है कि 30 प्रतिशत टैक्स स्लैब की सीमा को 35 लाख रुपये तक बढ़ाया जाना चाहिए। इससे ब्रैकेट क्रीप की समस्या कम होगी। ब्रैकेट क्रीप तब होती है जब सैलरी बढ़ने के बावजूद व्यक्ति ऊंचे टैक्स स्लैब में चला जाता है और उसकी वास्तविक क्रय शक्ति नहीं बढ़ती। विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स स्लैब को महंगाई के हिसाब से समय-समय पर संशोधित करना अब जरूरी हो गया है।

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युवाओं और फ्रेशर्स पर पड़ने वाला असर

कम टैक्स स्लैब सीमा का सबसे ज्यादा असर नए नौकरीपेशा युवाओं पर पड़ता है। कई फ्रेशर्स कुछ ही सालों में ऊंचे टैक्स स्लैब में आ जाते हैं। इससे उन्हें यह महसूस होता है कि उनकी मेहनत की कमाई का बड़ा हिस्सा टैक्स के रूप में चला जाता है। अगर टैक्स स्लैब को व्यावहारिक तरीके से अपडेट नहीं किया गया, तो इसका सीधा असर मध्यम वर्ग के मनोबल और बचत पर पड़ सकता है।

अर्थव्यवस्था को कैसे मिलेगा फायदा

अगर सरकार टैक्स स्लैब की सीमा बढ़ाने का फैसला करती है, तो इसका फायदा सिर्फ कर्मचारियों को ही नहीं मिलेगा। लोगों के पास ज्यादा डिस्पोजेबल इनकम बचेगी, जिससे वे घर, वाहन और अन्य जरूरतों पर खर्च कर सकेंगे। इससे बाजार में मांग बढ़ेगी और सरकार को अप्रत्यक्ष करों के जरिए राजस्व में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

सरकार के पास अन्य विकल्प क्या हो सकते हैं

विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि अगर टैक्स स्लैब में बदलाव संभव न हो, तो सरकार स्टैंडर्ड डिडक्शन की सीमा बढ़ा सकती है। इसके अलावा होम लोन के ब्याज पर मिलने वाली छूट की सीमा में संशोधन भी राहत का एक जरिया बन सकता है। कुछ विशेषज्ञ हर कुछ साल में महंगाई के आधार पर टैक्स स्लैब की समीक्षा की व्यवस्था लागू करने की भी सलाह दे रहे हैं।

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बजट 2026 से जुड़ी उम्मीदें

अगर सरकार इन सुझावों पर गंभीरता से विचार करती है, तो बजट 2026 नौकरीपेशा वर्ग के लिए राहत लेकर आ सकता है। टैक्स से जुड़ी किसी भी सकारात्मक घोषणा से न केवल मध्यम वर्ग को आर्थिक सहारा मिलेगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिल सकती है।

Disclaimer:
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और विशेषज्ञों की राय पर आधारित है। इनकम टैक्स से जुड़े किसी भी बदलाव की अंतिम पुष्टि केंद्रीय बजट 2026 और सरकार की आधिकारिक घोषणाओं के बाद ही होगी। किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले आधिकारिक अधिसूचनाओं और कर विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें।

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