भारत में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें आम आदमी के जीवन से सीधे जुड़ी हुई हैं। रोजमर्रा की यात्रा, व्यापार, खेती और घर की रसोई तक, हर जगह ईंधन की अहम भूमिका होती है। जनवरी 2026 के आखिर में जब लोग नए साल के खर्चों को संतुलित करने की कोशिश कर रहे हैं, तब ईंधन के ताज़ा दाम जानना हर परिवार के लिए जरूरी हो जाता है। 25 जनवरी 2026 को जारी किए गए नए रेट्स के अनुसार देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस की कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। दाम जरूर ऊंचे हैं, लेकिन स्थिर रहने से लोगों को थोड़ी राहत महसूस हो रही है।
पेट्रोल और डीजल के ताज़ा रेट
25 जनवरी 2026 की सुबह तेल कंपनियों ने रोज़ की तरह पेट्रोल और डीजल के दाम अपडेट किए। इस बार किसी भी बड़े शहर में कीमतों में खास बढ़ोतरी या कटौती नहीं की गई। दिल्ली में पेट्रोल लगभग 94 रुपये प्रति लीटर के आसपास बना हुआ है, जबकि मुंबई में यह 103 रुपये से ऊपर चल रहा है। बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे शहरों में भी पेट्रोल 103 से 107 रुपये प्रति लीटर के बीच बना हुआ है। डीजल की बात करें तो अधिकतर महानगरों में इसकी कीमत 90 से 95 रुपये प्रति लीटर के आसपास है।
कीमतें तय होने के पीछे क्या कारण हैं
भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम हर दिन सुबह 6 बजे तय किए जाते हैं। इन कीमतों को तय करने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के भाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, केंद्र सरकार की एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों द्वारा लगाया गया वैट अहम भूमिका निभाते हैं। इसके अलावा परिवहन लागत और डीलर कमीशन भी अंतिम कीमत को प्रभावित करते हैं। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों और शहरों में ईंधन के दाम अलग दिखाई देते हैं।
डीजल महंगा होने का असर
डीजल सिर्फ निजी वाहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे परिवहन तंत्र की रीढ़ माना जाता है। ट्रक, बस, कृषि मशीनें और जनरेटर सभी डीजल पर निर्भर होते हैं। जब डीजल महंगा होता है, तो माल ढुलाई की लागत बढ़ती है, जिसका असर सब्जी, फल, दूध और अन्य जरूरी सामान की कीमतों पर पड़ता है। किसानों के लिए भी डीजल के दाम खेती की लागत बढ़ा देते हैं।
रसोई गैस की कीमतों में राहत
जनवरी 2026 के आखिर तक घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। कई शहरों में 14.2 किलो का घरेलू सिलेंडर लगभग 840 रुपये के आसपास मिल रहा है। कीमतें स्थिर रहने से मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों को राहत मिली है, क्योंकि रसोई गैस उनके मासिक बजट का बड़ा हिस्सा होती है।
स्थिर कीमतों से मिली थोड़ी राहत
हालांकि ईंधन की कीमतें अभी भी ऊंचे स्तर पर हैं, लेकिन उनमें स्थिरता रहने से लोग अपने खर्चों की बेहतर योजना बना पा रहे हैं। अगर आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हालात अनुकूल रहते हैं, तो कीमतों में राहत की उम्मीद भी की जा सकती है।
Disclaimer:
This article is written for general informational purposes only. Petrol, diesel, and LPG prices may vary by location, time, taxes, and government policies. For the most accurate and updated rates, readers are advised to check the official websites of oil marketing companies or contact their nearest fuel station or gas agency.









