देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India के करोड़ों ग्राहकों के लिए साल 2026 की शुरुआत कुछ अहम बदलावों के साथ हुई है। जो ग्राहक अब भी पारंपरिक पासबुक का इस्तेमाल करते हैं, उनके लिए बैंक की नई पहल जानना बेहद जरूरी हो गया है। बैंक का फोकस अब ग्राहकों को सुरक्षित, तेज और डिजिटल बैंकिंग अनुभव देने पर है, ताकि शाखा पर निर्भरता कम हो और सेवाएं ज्यादा सुविधाजनक बन सकें।
एसबीआई क्यों बदल रहा है पासबुक से जुड़ी सेवाएं
आज के डिजिटल दौर में बैंकिंग का तरीका तेजी से बदल रहा है। मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग और ऑटोमैटिक मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल को देखते हुए एसबीआई ने अपनी पासबुक सेवाओं को आधुनिक बनाने का फैसला लिया है। बैंक का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड ज्यादा सुरक्षित होते हैं और ग्राहक अपने लेनदेन की जानकारी कभी भी, कहीं से भी देख सकते हैं। इसी सोच के तहत फिजिकल पासबुक के साथ-साथ डिजिटल विकल्पों को मजबूत किया जा रहा है।
स्मार्ट पासबुक और स्वयं मशीन की नई व्यवस्था
एसबीआई ने अपनी स्वयं पासबुक प्रिंटिंग मशीनों को अपग्रेड कर दिया है। अब ग्राहक किसी भी शाखा में जाकर, चाहे वह उनकी होम ब्रांच हो या नहीं, अपनी पासबुक खुद प्रिंट कर सकते हैं। इससे लंबी लाइनों में लगने की परेशानी कम होगी और समय की बचत होगी। यह सुविधा खासतौर पर उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद है जिन्हें बार-बार पासबुक अपडेट कराने की जरूरत पड़ती है।
डिजिटल m-Passbook से मिलेगी पूरी जानकारी मोबाइल पर
एसबीआई अब डिजिटल m-Passbook को बढ़ावा दे रहा है। YONO SBI ऐप के जरिए ग्राहक अपने खाते का पूरा लेनदेन विवरण मोबाइल पर ही देख सकते हैं। इसमें रीयल-टाइम अपडेट मिलता है, जिससे हर जमा और निकासी की जानकारी तुरंत सामने आ जाती है। डिजिटल पासबुक से न केवल कागज की बचत होती है, बल्कि डेटा सुरक्षित भी रहता है।
पासबुक अपडेट न कराने पर क्या हो सकता है असर
कई ग्राहकों के मन में यह भ्रम रहता है कि पासबुक अपडेट न कराने से खाता बंद हो जाएगा। ऐसा नहीं है, लेकिन अगर लंबे समय तक पासबुक अपडेट नहीं होती, तो भविष्य में इसे एड्रेस प्रूफ के रूप में इस्तेमाल करने में दिक्कत आ सकती है। बैंक सलाह देता है कि या तो समय-समय पर पासबुक अपडेट कराएं या डिजिटल पासबुक का इस्तेमाल करें, ताकि रिकॉर्ड हमेशा सही और ताजा रहे।
सुरक्षा को लेकर बैंक की सख्त सलाह
नई सुविधाओं के साथ बैंक ने ग्राहकों को सतर्क भी किया है। पासबुक या डिजिटल पासबुक से जुड़ी जानकारी जैसे अकाउंट नंबर या CIF नंबर किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल हमेशा आधिकारिक ऐप और वेबसाइट के जरिए ही करें, ताकि किसी तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
ग्राहकों के लिए क्या है सही तरीका
एसबीआई का मकसद ग्राहकों को पूरी तरह डिजिटल होने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें बेहतर विकल्प देना है। जो ग्राहक चाहें वे फिजिकल पासबुक का इस्तेमाल जारी रख सकते हैं और जो डिजिटल सुविधा पसंद करते हैं, उनके लिए m-Passbook एक आसान समाधान है। दोनों का सही और सुरक्षित इस्तेमाल ही सबसे बेहतर तरीका माना जा रहा है।
Disclaimer:
This article is written for general informational purposes only. State Bank of India updates its banking services and facilities from time to time. No account is closed solely due to non-updating of a passbook. Customers are advised to rely only on official communications from SBI, such as SMS alerts, branch notices, or information available on the official SBI website or mobile applications, before taking any action.









